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रेलवे और एयरपोर्ट्स के बाद अब इन 6 बैंकों का होगा निजीकरण, RBI ने…

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ग;वर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने उम्मीद जताई है कि सरकारी बैंकों (PSBs) के प्राइवेटाइजेशन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। शक्तिकांत दास ने कहा कि हम सा;र्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजी;करण (Privatisation of Banks) को लेकर सरकार के साथ चर्चा कर रहे हैं और इस संदर्भ में जल्द ही प्रक्रिया को आगे बढ़ा;या जाएगा।

शक्तिकांत दास ने टाइम्स नेटवर्क इंडिया इको;नॉमिक कॉन्क्लेव के एक कार्यक्रम में कहा, पब्लिक सेक्टर के बैंकों का प्राइवेटाइजेशन हर हाल में किया जाएगा। आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करते हुए इस साल 2 सर;कारी बैंकों और एक इं;श्योरेंस कंपनी के प्राइवेटाइजेशन की घोषणा की थी।

मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सी;तारमण ने कहा थी कि बैंकों के प्राइवे;टाइजेशन में इन संस्थानों में काम करने वाले क;र्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सीतारमण ने कहा कि हर बैंक बिक रहा है और प्राइवेट बन जाएगा, यह मान लेना सही नहीं है। सालों से इन बैंकों में काम कर रहे कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की की सैल;री, स्केल, पेंशन सभी चीजों का ध्यान रखा जाएगा। सेक्टर चाहे कोई भी हो, विनिवेश वाली हर यूनिट के साथ इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि वे इकोनॉमी में सहयोग कर सकें। संकटग्रस्त यूनिट्स मजबूत होकर काम जारी रख सकें, उनमें पैसा आ सके। वे मजबूत हो सकें, इसलिए उनमें प्राइवेट सेक्टर का निवेश खोला जा रहा है।

वहीं, दूसरी तरफ नीति आयोग (Niti Aayog) ने 6 सरकारी बैंकों को निजीकरण योजना (privatisation plan) से बाहर रखा है। इनमें पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूनियन बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और SBI शामिल हैं। ये बैंक कंसोलिडेशन के पिछले राउंड का हिस्सा थे। आपको बता दें कि सरकार ने अगस्त 2019 में 10 बैंकों का 4 बैंकों में विल;य किया था। इससे देश में स;रकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह गई है।

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